उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों रामलीला की धूम मची हुई है. बता दें कि दूरस्थ गांवों में फसल का काम खत्म होने के बाद ही लोगों द्वारा यहां रामलीला का मंचन किया जाता है. मंचन के साथ गायन भी कलाकार खुद ही करते हैं, जिनका देर रात तक दर्शक लुत्फ उठाते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक कुमाऊं में सबसे पुरानी रामलीला का गौरव भी अल्मोड़ा जिले की ही रामलीला को मिला है, जहां लकड़ी के छिलके जलाकार रामलीला की जाती थी. यहां शास्त्रीय संगीत जैसे राग बिहार, जयजयवंती, दोहा, चौपाई आदि पर आधारित रामलीला का मंचन होता है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2QhEwgZ
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