अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय धरना रामनगर में जुलूस के साथ समाप्त हो गया. महिलाओं ने जुलूस में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मुख्यत: मानदेय़ निर्धारित करने की मांग को लेकर आशा वर्कर्स आंदोलित रहीं. आशा वर्कर्स का कहना है कि आयुष्मान भारत का सर्वे भी सरकार उनके द्वारा ही करा रही है. लेकिन इस अतिरिक्त काम के लिए भी उन्हें कोई पैसे नहीं दिये जा रहे हैं. आशा वर्कर्स ने शिकायत के तौर पर कहा कि इस बार भी उन्हें सर्वे का फार्म अंग्रेजी में भरने को कहा गया है. लेकिन आशा वर्कर्स अधिक पढ़ी-लिखी नहीं हैं.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2CbJ58l
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