बसन्त ऋतु के आगमन के साथ ही चैत्र मास के पहले दिन से शुरू होने वाला उत्तराखंड का लोकपर्व फूलदेई हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के बिना इंसान का अस्तित्व नहीं है. सदियों से पहाड़ के बच्चों में फूलदेई पर्व के जरिए उनमें यही संस्कार डाला जा रहा है कि प्रकृति मां स्वरूप है. फूलदेई पर्व को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक गांव-गांव पहुंच रहे हैं. आइए देखते हैं प्रकृति के सानिध्य में मनाए जा रहे इस अनोखे लोकपर्व को.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2TTLyh4
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