मसूरी में शहरी गरीबों के लिए बने आवासों पर बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है और जो आवास के पात्र है वे आज भी झोपड़ियों में रहने के लिए मजबूर है. आवास के लिए चयनित लोगों ने कई बार नगर पालिका प्रशसान से कब्जा हटाने और आवंटन की गुहार लगाई, लेकिन पालिका इसे लेकर गंभीर नहीं है. शहर के शिफन कोट, बसंत कॉटेज, हुसैनगंज, नाजगली, रेस्ट हैवन, शिव विलास, किंग्रेग, डिमरी की बस्तियों में रहने वाले 96 शहरी गरीब परिवारों के लिए जेएनएनयूआरएम योजना के तहत 4 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से 2012 में आवास बनाए गए थे.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2RCJB3N
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