सचिवालय, विधानसभा भवन, राजभवन और सीएम आवास प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण स्थान हैं. ज़ाहिर है यहां हर व्यवस्था वीआईपी है, पेयजल व्यवस्था भी. सचिवालय और विधानसभा के पास अपना टयूबवैल है तो राजभवन और CM आवास के लिए खास पेयजल लाइन है. पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के भी विशेष इंतजाम किए जाते हैं. 24 घंटे पानी उपल्बध रहे इसका ध्यान रखा जाता है और विशेष हालातों के लिए एक दूसरी पेयजल लाइन भी तैयार रहती है. लेकिन इसके बावजूद सप्लाई किए जा रहे पानी का इस्तमाल पीने के लिए नहीं गाड़ियां धोने जैसे कामों के लिए किया जाता है. अधिकारी और मंत्री जब मीटिंग करते हैं तो मिनरल वाटर की बोतलों से गला तर करते हैं. जीएमवीएन के सूत्रों के अनुसार एक महीने में निगम सचिवालय में पीने के पानी पर 30 हज़ार रुपये खर्च करता है और पहाड़ों में हर मौसम में लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ता है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2Cuccok
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