गांधी जी की यादों को समेटे यह भवन तब ज्यादा पीड़ा दायक हो जाता है जब 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर भी इस भवन को याद नहीं किया जाता है. कई बार प्रशासन से इसकी दशा सुधारने के लिये गांधी विचारकों ने अनुरोध किया मगर सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2DLkxWc
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