आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि एक अप्रैल 2020 से पांच जून 2021 तक के ऐसे बच्चों के राज्यवार आंकड़े उसके बाल स्वराज पोर्टल पर दिए गए हैं जिनके माता-पिता में से किसी की मौत हो चुकी है या वह माता-पिता दोनों को ही खो चुके हैं. हालांकि, पोर्टल पर मौत के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3z7ynL7
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