कबो-कबो हमरो मन करsता कि गाँव के दुआर पर एगो कोना में खोंपी आ पलानी होखे. खूँटा पर गाय-बछरू बान्हल जाय. खाँटी दूध मिले. गाय के गोबर वाला खाद से फरहरी लागे आ ताज़ा तरकारी मिले. दुआर पर एगो-दूगो पेड़ लागे आ प्राणवायु ऑक्सीजन मिले. त हमार माई ठीके कहत रहे कि बबुआ हो जनमधरती से ना कटे के, ना छोड़े के, बुरा वक्त में ओही जी लौटे के पड़ेला.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/3fH2KiR
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