पौष पूर्णिमा से लोगों का नदियों के किनारे जुटना शुरू हो होता है और महाशिवरात्रि तक यह जारी रहता है. इसी के चलते माघ माह में संगम के तट पर निवास को 'कल्पवास' भी कहा जाता है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2QsiNWp
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पौष पूर्णिमा से लोगों का नदियों के किनारे जुटना शुरू हो होता है और महाशिवरात्रि तक यह जारी रहता है. इसी के चलते माघ माह में संगम के तट पर निवास को 'कल्पवास' भी कहा जाता है.
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