उत्तरकाशी की सीमांत सरबड़ियार घाटी के आठ गांवों के लिए सड़क मार्ग तो नहीं ही है बरसाती नदियों पर पुल तक लोगों को नसीब नहीं हैं. पुरोला तहसील के सर बड़ियार घाटी के सरगांव की प्रार्थना देवी की स्थिति अचानक बिगड़ गई. पूरी घाटी में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था न होने के कारण घने जंगलों और उफनती बड़ियाड़ गाड़ पर बने अस्थाई पुल से ग्रामीण पीड़ित महिला को आठ किलोमीटर दूर बड़कोट स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले गए. वहां से उसे देहरादून के लिए रेफ़र कर दिया गया. वीडियो में साफ़ है कि इस जुगाड़ पुल को पार करते समय ज़रा सी भी चूक होती तो बीमार महिला ही नहीं कई लोगों की जान पर बन आती. दूसरी तस्वीर इससे भी डरावनी है. बड़ियाड़ गाड़ जुगाड़ पुलिया को पार करते हुए पैर फिसलने से इसी महीने एक ग्रामीण भरत सिंह रावत पुत्र नंद राम की मौत हो गई थी.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2Hi9e6o
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