जनपद चमोली की सीमान्त नीती घाटी में पहली बार आयोजित हो रही बाबा बर्फ़ानी की यात्रा में लगता है बर्फ़वारी ही परेशानी का सबब बनती जा रही है. स्थानीय लोगों के साथ ही प्रशासन की पहल पर पहली बार यह यात्रा आयोजित की तो जा रही है लेकिन इस टिम्मरसैंण तक पहुंचने वाले रास्ते भारी बर्फ़वारी होने के चलते अब भी बंद हैं. नीती घाटी गए स्थानीय रेकी दल को भी बर्फ़वारी की वजह से सड़क बंद होने के चलते टिम्मरसैंण से चालीस किलोमीटर दूर ही पहले ही भापकुंड से वापस लौटना पड़ा है. स्थानीय दल का कहना है कि जिस तरह से घाटी में बर्फ़वारी हुई है उससे अभी भी मार्ग को खुलने में दो सप्ताह से भी अधिक का समय लग सकता है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2TXVshv
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