उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के लोग भी अपने मताधिकार की ताकत का इस चुनाव में इस्तेमाल करने को तत्पर हैं. इनमें से कुछ वोट देकर तो कोई नोटा का इस्तेमाल कर अपना विरोध दर्ज करवाना चाहता है. पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र कनार और मेतली के ग्रामीणों ने आज साफ़ कर दिया कि राजनीतिक दल उनका ख़्याल नहीं रखेंगे तो वह लोकतांत्रिक तरीक से अपना विरोध जताना जानते हैं. ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर आगामी लोकसभा चुनावों में बहिष्कार का ऐलान किया. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 70 साल बाद भी उनके गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है. आज भी लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है. ग्रामीणों ने कहा कि एक के बाद एक सरकारें बदलती रहीं लेकिन इनसे की गई हजारों फरियादें अनसुनी रहीं. अब चुनाव बहिष्कार के अलावा इनके पास कोई विकल्प नहीं है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2UwGpJ1
No comments:
Post a Comment