लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से अब चुनाव प्रचार के धीरे-धीरे जोर पकड़ने की उम्मीद है. बस इंतजार है तो उम्मीदवारों के घोषणा की. सियासी दलों में उड़नखटोलों की मांग भी जोर पकड़ने लगी है. मकसद है कम समय में अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचकर चुनाव-प्रचार को अंजाम देना. प्रदेश स्तर पर सियासी दलों की कोशिश है कि वे अपने-अपने आलाकमान से अधिक से अधिक संसाधन मांग सकें. यानी अगले एक महीने तक आसमान उड़नखटोलों से छाया रहेगा तो जमीन पर चुनावी सभाओं का शोरगुल रहेगा.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2TRLjmG
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