प्रचंड बहुमत वाली त्रिवेंद्र रावत सरकार बुधवार को विधानसभा में कमज़ोर नज़र आई, जिसकी वजह से सदन के भीतर विधानसभा अध्यक्ष को अजीबोग़रीब स्थिति का सामना करना पड़ा. एक समय तो ऐसा आ गया था कि 57 विधायकों वाली भाजपा सरकार सदन के भीतर अल्पमत में आ गई थी. उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (संशोधन) विधेयक 2019 को पुन: स्थापित करने के समय सदन में सत्ता पक्ष के केवल नौ ही विधायक मौजूद थे. वहीं विपक्ष के 11 विधायक बैठे रहे. अध्यक्ष की तरफ़ से विधेयक पारित कराने के लिए विधायकों के हां की संख्या पर स्थिति अजीब बन गई क्योंकि विपक्ष ने सत्ता पक्ष के विधायकों की संख्या पर सवाल खड़ा कर दिया. बाद में सदन के भीतर सत्ता पक्ष के विधायकों के पहुंच जाने के बाद विधेयक को पारित माना गया. इसे लेकर उप नेता विपक्ष करण माहरा ने आपत्ति दर्ज कराई है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2GX5mZZ
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