कॉर्बेट टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है. ऐसे में टाइगर रिजर्व प्रबंधन का ध्यान टाइगर के अलावा अन्य किसी वन्यजीव पर नहीं है. इसके चलते यहां हॉग डियर विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं. इस चूक को महसूस करने के बाद अब वन विभाग इसके प्रति गंभीर होता नजर आ रहा है. वन के कई सारे इलाकों में हॉग डियर की मौजूदगी नहीं देखने के बाद अब इसकी गणना की जाने लगी है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक का कहना है कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के साथ इस विषय पर विचार विमर्श कर हॉग डियर की संख्या बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2TtGOLx
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