अनुशासनहीनता के नाम पर श्रीनगर जलविद्युत परियोजना से निकाले गए कुल 14 कर्मचारियों को जहां परियोजना संस्था जीवीके वापस लेने को तैयार नहीं है, वहीं बेरोजगार हुए युवाओं ने परियोजना क्षेत्र में आंदोलन शुरू कर दिया है. प्रशासन और देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी के कहने के बावजूद जीवीके ने परियोजना से निकाले गए कर्मचारियों को वापस लेने से मना कर दिया है. बता दें कि जीवीके ने शुरू में तीन कर्मियों को और फिर बाद में और 11 कर्मियों को अनुशासनहीनता के नाम पर काम से निकाल दिया है. जीवीके का कहना है कि शुरू में अनुशासनहीनता के नाम पर निकाले गए तीन कर्मियों के असिस्टेंट लेबर कमिश्नर कोर्ट में चल रहे केस के निवारण के बाद ही वो निकाले गए बाकी के 11 कर्मियों के मामले पर विचार करेगा. इस बीच अचानक बेरोजगार हुए युवाओं ने शांतिपूर्वक आंदोलन जारी रखने की बात कही है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2M3udfe
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