मैदानी क्षेत्रों में भले ही सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान और प्रशासन की कार्रवाई चल रही हो, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग जान जोखिम में डाल कर सड़कों पर यात्रा कर रहे हैं. रुद्रप्रयाग के पीडा-पाबो, खैडी-क्यार्की, रतूडा-पोखरी, ओडली-नौला कलना, जसोली-कोट-घोलतिर, छेनागाड-उछोला, छेनागाड-बकशीर, कोलू बैण्ड-तडाग-उर्खोली, गुप्तकाशी-सल्या-तुलंगा समेत कई मोटर मार्गों की हालत दयनीय है. ये सभी मार्ग उबड़-खाबड़ और पूरी तरह बदहाल हैं. लेकिन इन मोटरमार्गों पर भी वाहन चालक ओवर लोडिंग करने से बाज नहीं आ रहे हैं. यात्रियों को वाहनों के बाहर भी लटकने दिया जा रहा है. इन पहाड़ी ग्रामीण मोटर मार्गों पर न ही परिवहन विभाग की कोई कार्रवाई दिखाई देती है और न ही लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर कोई जागरूकता. यहां खतरनाक तरीके से पहाड़ों को काटकर बनाई गई इन सड़कों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दौरान ही प्रशासन दिखाई देता है. जरूरत है कि प्रशासन इन मोटरमार्गों पर ओवरलोडिंग बंद करने के साथ ही ऐसे सभी खराब रास्तों को दुरुस्त कराए.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2CZX55c
No comments:
Post a Comment