सामंती दौर की कष्टकारी यादों को भला कौन भुला सकता है, जब जनता को सामंतशाही के अत्याचारों से दो-चार होना पड़ा था. ऐसा ही कुछ हुआ था टिहरी राजशाही के दौरान जब शहीद नागेंद्र सकलानी और मोलू भरदारी जैसे योद्धाओं ने राजशाही और सामंतशाही के अत्याचारों से मुक्ति के लिए कीर्तिनगर की भूमि से जनआंदोलन छेड़ा था. इनकी याद में हर वर्ष मेले का आयोजन का किया जाता है. इस वर्ष भी कीर्तिनगर में इस मेले का आयोजन किया गया है, जिसमें पहली बार शहीदों के परिजनों को भी बुलाया गया है. शहीदों के परिजन राज्य सरकार की शहीदों के प्रति उपेक्षा से नाराज और दुखी दिखे. उन्होंने कहा कि सरकार ने शहीदों को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2D6iaej
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