उत्तराखंड में पिछले दो सालों में कर्ज के बोझ तले दबे करीब दस किसान आत्महत्या कर चुके हैं. किसान नेता गणेश उपाध्याय ने तो बकायदा इस पर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है. रामनगर में एक किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को भी अभी सप्ताह भर का समय नहीं बीता है लेकिन सत्ताधारी पार्टी भाजपा इस ओर से आंख मूंदे है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित किसान मोर्चा के गढ़वाल मंडल पदाधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने आए पार्टी के किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष खिलेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड में एक भी किसान ने आत्महत्या नहीं की है. बैठक में पार्टी से जुड़े किसान समस्याएं गिना रहे थे तो उन्हें दरकिनार कर चौधरी दावा कर रहे थे कि उत्तराखंड में किसानों को कोई समस्या ही नहीं है. आप भी सुनिए भाजपा नेता और एक किसान के विरोधाभासी बयान...from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2FvgtcA
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