देश में उत्तराखंड एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां रामलीलाओं के साथ ही पाण्डव नृत्य के आयोजनों की युगों पुरानी परंपरा है. पहाड़ों में पाण्डव नृत्य का आयोजन मात्र मनोरंजन के लिए नहीं होता बल्कि मान्यता है कि पहाड़वासी अपने पूर्वजों द्वारा पाण्डवों को दिया हुआ वचन निभा रहे हैं. ऐसी आस्था है कि पाण्डव भी पहाड़वासियों के पूर्वजों को दिए गए अपने वचन निभाने आज भी पाण्डव नृत्य में आते हैं. उत्तराखंड को पाण्डवों की धरती भी कहा जाता है. मान्यता है कि पांडव यहीं से स्वार्गारोहणी के लिए गए थे.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2Sy4NIF
No comments:
Post a Comment