चमोली के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाले एनएचएम कर्मचारी संघ ने सात सूत्री मागों को लेकर कार्य बहिष्कार किया. एऩएचएम कर्मियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. धरने पर बैठे एनएचएम कर्मियों का कहना है कि उनके द्वारा लंबे समय से नियमितीकरण के साथ ही एचआर पॉलिसी लागू किए जाने की मांग की जा रही है. लेकिन, शासन द्वारा हर बार उन्हें महज आश्वासन दिया जा रहा है. यही नहीं जिन आशा मॉनिटरों को गांवों में स्वास्थ्य की जिम्मेदारी दी गई है उनको महज दैनिक भत्ता दिया जा रहा है. आशा मॉनिटरों को भी पूरे महीने का मानदेय दिया जाना चाहिए. यदि सरकार द्वारा इन मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता है तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2T14KoU
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