चमोली कहते हैं कि बोर्ड को कम से कम एक बार हाउस टैक्स का रिवीज़न करना चाहिए था क्योंकि टैक्स बढ़ोत्ततरी वार्ड नहीं बल्कि इलाकों को देख कर रेट तय करने चाहिए थे.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2QpsUg1
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चमोली कहते हैं कि बोर्ड को कम से कम एक बार हाउस टैक्स का रिवीज़न करना चाहिए था क्योंकि टैक्स बढ़ोत्ततरी वार्ड नहीं बल्कि इलाकों को देख कर रेट तय करने चाहिए थे.
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