उत्तराखंड में स्थित भगवान बद्रीविशाल जी के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरु हो गई है. मुख्य मंदिर के कपाट बंद होने से पूर्व पंच पूजा के तहत शनिवार को दूसरे दिन आदि केदारेश्वर जी के कपाट बंद किये गये. दोपहर में रावल जी के द्वारा पूजा करने के बाद धर्माधिकारी व मंदिर समति के कर्मचारियों की मौजूदगी में भगवान आदि केदारेश्वर के कपाट इस साल शीतकाल के लिये बंद कर दिए गए. आज 18 नवम्बर को खडग पुस्तक की पूजा व 19 नवम्बर को माता लक्ष्मी जी का आह्वान किया जायेगा, जबकि बीस नवम्बर को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट पर भगवान बद्री विशाल जी का कपाट इस साल शीतकाल के लिये बंद हो जाएगा.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2S24AgO
No comments:
Post a Comment