प्रातः से ही भगवान नारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद मुख्य पुजारी रावल जी द्वारा भगवान बद्री विशाल जी के कपाट बंद किए गए. बद्रीपुरी को बैकुंठ धाम, मोक्ष धाम भी कहते हैं. नर नारायण पर्वत के मध्य भैरवी चक्र पर भगवान बद्री नारायण का यह मंदिर है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2qVMvVQ
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