स्वामी सानंद की मौत के बाद एम्स प्रशासन और मातृ सदन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. मातृ सदन स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को जनता और संतों के लिए दर्शन के लिए तीन दिन तक मातृ सदन में रखना चाहता है लेकिन एम्स प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया है. एम्स प्रशासन का तर्क है कि स्वामी सानन्द ने अपना शरीर दान किया है इसलिए उनके पार्थिव शरीर को एम्स से बाहर नहीं जाने दिया जा सकता. इतना ही नहीं एम्स प्रशासन सिर्फ़ स्वामी सानंद के परिजनों को ही उनके अंतिम दर्शन करने की इजाज़त देने की बात कर रहा है. तो मातृ सदन का कहना है कि संन्यास के बाद जैविक संबंध ख़त्म हो जाते हैं और गुरु, गुरुभाई ही परिवार होते हैं.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2pQKutB
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