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Saturday, October 27, 2018

हुनर को तराशने में कभी भी आड़े नहीं आता धर्म और जाति

मजहब कोई भी हो, उसका मकसद इंसान को इंसानियत का पाठ पढ़ाना ही है। शिक्षक कोई भी हो, उसका मकसद है उजियारा फैलाना।

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